एक लड़के को जन्म देने के लिए क्या पोजीशन होनी चाहिए इंटरकोर्स करते समय ?

कैसे एक बेबी बॉय को कन्सीव किया जाए प्रेगनेंसी के दौरान इस बात पर हमेसा से एक रहस्य रहा है और बेबी बॉय कन्सीव करने के लिए अलग अलग तरह की बाते बताई जाती हैं जिनको पढ़ने पर या समझने पर पता चलता है की कितनी मूर्खता भरी सुचना दी जा रही है

जो लोग एक बेबी बॉय यानि एक लड़के को जन्म देना चाहते हैं उनको सभी तरह के फैक्टर्स पर ध्यान देने की जरुरत है

जो लोग एक लड़के को जन्म देना चाहते हैं सबसे पहले उन्हें अच्छे से यह बात समझनी होगी की कैसे और कब एक लड़की का जन्म होता है और कैसे, किस समय ,किस तरह से एक लड़के का जन्म होता है

और हम आपको ये यह बताना चाहते हैं के आज की टेक्नोलॉजी के युग में सिर्फ २ हफ्तों में ही आपको अपने होने वाले बच्चे के लिंग का पता चल जाता है

कुछ लोग तो एग को इम्प्लांट भी करवा लेते हैं ताकि होने वाला बचा एक लड़का ही हो लेकिन यह आसान और सुविधाजनक प्रक्रिया नहीं है और इसमें पैसा का काफी खर्च भी आ जाता है जो हर व्यक्ति अफ़्फोर्ड नहीं कर पता |

लेकिन इन सब प्रोसेस की बजाए ज्यादा तर माँ बाप नेचुरल प्रोसेस को अपनाते हैं जिसमे सिर्फ आपको एक एक दिन का हिसाब रख कर सावधानी पूर्वक इंटरकोर्स करना होता है और उसके लिए आपको निचे लिखे स्टेप्स फॉलो करने होते हैं

अंदर जाने के बाद स्पर्म कैसे काम करता है ?

देखिये स्पर्म ही सबसे एहम फैक्टर है जो यह तय करता है के जन्म लेने वाला बच्चा एक लड़का होगा या फिर एक लड़की। किसी भी बचे के जींस दो तरह के जेनिटिक मटेरियल से बनते हैं एक माता और दूसरे उसके पिता से ।

एग्ग हमेसा एक्स (X) प्रकार के शुक्राणु अपने पास रखता है या फिर यूँ समझ लीजिये के एग जो है एक्स(X) प्रकार के सुक्राणुओ से बना होता है और जो बहार से स्पर्म डाला जाता है उसमे से या तो एक्स (X) जाकर एक्स(X) से मिल जाता है या फिर उसका वाई(Y) जाकर एग्ग के एक्स से जाकर मिल जाता है

और बाहर से एक्स(X) का जाकर एग्ग के एक्स से मिलना एक लड़की को जन्म देता है और बाहर से वाई(Y) का जाकर एग्ग के एक्स(X) से मिलना एक लड़के को जन्म देता है

तो बस एहि हमे जानना है के कैसे हम वो सभी फैक्टर्स का ध्यान रखे जिससे की बहार से स्पर्म का वाई शुक्राणु अंदर एग के एक्स(X) से मिल जाये और होने वाले बच्चे का लिंग मेल ही हो|

और यह हम कर सकते हैं अगर अपने सेक्सुअल इंटरकोर्स का शेडूल चार्ट त्यार करले और एक एक दिन का हिसाब लगा कर उन सभी फैक्टर्स का ध्यान रखे जो की वाई शुक्राणु को अंदर एक्स से मिलने में उसकी हेल्प करे |

अब देखिये हमे सिर्फ यह एक काम करना है जोकि नेचुरल , सेफ , रिस्क फ्री और मेडिकल प्रोसेस से बिलकुल अलग है

आप को बस अपने पीरियड्स का और ओवुलेशन पीरियड का एक चार्ट त्यार करना होगा अगर आप उसमे भी कोई परेशानी महसूस करे तो आज कल इसके लिए बोहत सी मोबाइल ऍप्लिकेशन्स भी गूगल प्ले स्टोर पर अवेलबल हैं

सेक्स करते समय पोजीशन का कितना महत्व है ?

सेक्स या इंटरकोर्स करते समय अगर आप अपनी पोजीशन पर ध्यान दे तो यह आपकी पूरी तरह से हेल्प कर सकता है|

यह बहुत जरुरी है के जब स्पर्म को रिलीज़ करने का समय आये तब आप स्पर्म बिलकुल नजदीक आकर अपने अपने फीमेल पार्टनर की योनि में छोड़े जिससे वाई शुक्राणुओ के पहुँचने के सम्भावना और भी ज्यादा हो जाए |

क्यूंकि नजदीक से छोड़ने पर वाई शुक्राणु और एग्ग के बिच की दूरी कम् हो जाती है और उसके बिच में ही नष्ठ होने के चांस कम् हो जाते हैं

कुछ लोग इस बात का भी दावा करते हैं के जहा मेल यानि पुरुष सेक्स के दौरानअधिक एक्टिव हैं वहां एक लड़के को जन्म देने के चांस अधिक हो जाते हैं

वैसे हम आपको यह सलाह देंगे के पुरुष को हमेसा ही ऊपर रहना चहिए अगर आप एक लड़के को जन्म देना चाहते हैं

वही एक्सपर्ट्स ने माँ की डाइट यानि खान पान का भी महत्व बताय है एक्सपर्ट्स ने बताय के फल सब्जिया भी बच्चे के जेंडर को तय करने में बड़ा ही एहम रोले अदा करते हैं जो लोग एक लड़के को जन्म देना चाहते हैं वे अपनी डाइट पर पूरा ध्यान रखे और वही खाये जो एक लड़के के पैदा होने में मदद गार हैं, तो एक्सपर्ट के अनुसार रेड मीट जरूर खाये और नमक वाली चीज़ो का अधिक सेवन करे और कॉफ़ी भी काफी अछि बताई गायति है

और पुरुष यानि बचे के होने वाले बाप को यह एडवाइस दी जाती है के वो aaj से ही खुले कपडे पहना सुरु करदे yani के jitna हो सके जीन्स को त्याग दे जो आपके स्क्रोटम को टाइट रखते हैं घर में अगर हैं तो बॉक्सर का अधिक से अधिक उपयोग करे ताकि उनको हवा मिलती रहे और और लौ तेमरतुरे भी मिले जायद हाई टेम्परेटरे से उन्हें डोर रखे क्यूंकि आपका स्पर्म वही बनता है

और एक फैक्टर यह भी है के अपन स्पर्म किस समय रिलीज़ho रहा है यह भी तय करत है के होने वाला बच्चा लड़का होगा या लड़की। तो उसके लिए यह बताय गया है के kosis करे male यानि पुरुष का स्पर्म पहले रेलाइसे हो जाये और फीमेल यानि स्त्री का बाद में रिलीज़ होना किये तो इससे भी लड़का पैदा होने के चणक अधिक हो जाते हैं इससे स्पर्म का एग्ग तक्क पहुँचने के चाणक्य अधिक हो जाते हैं क्यूंकि स्पर्म तेज़ी से नादर जाएगा और वे शुक्राणु के डेडna होने के चान्सेस कम् हो जाएंगे।

आप जो बच्चा चाहते हो वो लड़का हो या लड़की ?

पुरुष शुक्राणु में एक्स और वाई शुक्राणु होता है, शुक्राणु एक्स और वाई निर्धारित करते हैं कि महिला आदमी है। उपरोक्त शुक्राणु की शारीरिक विशेषताओं के आधार पर, आनुवंशिकीविद एक बच्चे के लड़के या लड़की को जन्म देने के लिए चुनते हैं।

फैक्टर १ : भोजन

अगर आप एक बच्ची चाहते हैं

पति को ऐसे खाद्य पदार्थ खाना चाहिए जिनमें बहुत से क्षारीय होते हैं, जबकि उनकी पत्नी बहुत सारे अम्लीय खाद्य पदार्थ खाती है।

खाद्य पदार्थ जिनमें बहुत से क्षारीय होते हैं: सब्जियां, फल, अंडे का सफेद, दूध, और समुद्री शैवाल।
बहुत सारे एसिड युक्त खाद्य पदार्थ मांस और समुद्री भोजन (समुद्री भोजन) हैं।

अगर आप एक बच्चा चाहते हैं जो लड़का हो

पति के पास बहुत सारे खाद्य पदार्थ होते थे जिनमें बहुत से एसिड होते थे, जबकि पत्नी के पास बहुत सारे खाद्य पदार्थ होते थे जिनमें बहुत से क्षारीय होते हैं (उपरोक्त खाद्य पदार्थ देखें)।

2. फैक्टर : समय (संभोग कब किया)

अगर आप एक बच्ची चाहते हैं।

मासिक धर्म काल से पहले दिन पर लगातार संभोग।

अगर आप एक बच्चा चाहते हैं जो लड़का हो

मासिक धर्म अवधि के दौरान लगातार मासिक धर्म की अवधि के दौरान या तुरंत या तुरंत।

मासिक धर्म के समय को कैसे जानें?

तापमान या शरीर के तापमान में वृद्धि (आप एक पैडोमीटर का उपयोग कर सकते हैं और शरीर के तापमान रिकॉर्ड कर सकते हैं)।

3. फैक्टर : प्रवेश यानी किस गहराई तक (स्टैब)

अगर आप एक बच्चा चाहते हैं जो लड़का हो

संभोग के समय पति को अपना लिंग योनि में अधिक से अधिक गहराई में ले जाना चाइये

कारण:

एक्स और वाई सेक्स सेल के चरित्र

शुक्राणु एक्स: इसका स्टैमिना बोहत अधिक होता है और लम्बी दूरी तक जा सकता है गति स्लो होती है
वाई शुक्राणु : इसका स्टामिआं कम् होता है और तेज़ गति से जाता है और कम् दूरी तय करता है

तो लिंग को गहराई तक्क ले जाने से वाई शुक्राणु के अंदर तक्क पहुँचने की सम्भावना बढ़ जाती है

फैक्टर 4. स्टिमुलस यानी कितनी उत्तेजना होनी किये

अगर आप एक बच्ची चाहते हैं।

पत्नी को संभोग के दौरान उत्तेजना से बचना चाहिए। जननांग एकाग्रता से स्राव निर्वहन उत्तेजित होने पर क्षारीय हो जाता है, इससे गतिविधि spematozoa वाई को प्रोत्साहित किया जाएगा। यानी वाई के एक्टिव होने के चान्सेस बढ़ जाते हैं

अगर आप एक बच्चे को लड़का चाहते हैं।

तो फेल पति उत्तेजित और जब्ब पतों का वीर्य डिस्चार्ज हो जाए फिर पत्नी को उत्तेजित होना किये

फैक्टर ५: पत्नी

अगर आप एक बच्चा चाहते हैं जो लड़का हो

बेकिंग सोडा के दो चम्मच पानी में डाल कर योनि को अचे धो ले

6. फैक्टर स्थिति यानि पोजीशन ऑफ़ सेक्स

अगर आप एक बच्चा चाहते हैं जो लड़का हो

तो इंटरकोर्स क दौरान पति को ऊपर रहना किये

नीचे दी गई तालिका आपको पैदा होने वाले बच्चे के लिंग की भविष्यवाणी करने में मदद करेगी।
नीचे दी गई तालिका की शुद्धता हजारों लोगों द्वारा सिद्ध की गई है और यह 99% सटीक माना जाता है।

इस पर विश्वास करें या नहीं।
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तकनीक ही एक बच्चे के लिंग तय करती है

शुक्राणु 2 प्रकार के होते हैं:

एक्स शुक्राणु (मादा के लिए)
वाई शुक्राणु (पुरुष के लिए)

शुक्राणु एक्स में निम्नलिखित विशेषताएं हैं:

– अधिक होते हैं
– धीमा चलते हैं
– इनकी वैलिडिटी 72 घंटे से अधिक (3 दिन), 7 दिन भी दर्ज की गई है
– योनि के अम्लीय वातावरण के लिए अधिक प्रतिरोधी होते हैं इसी लिए लड़की के लिए योनि को सिरका से धोया जाता है

वाई शुक्राणु में निम्नलिखित विशेषताएं हैं:

– छोटे होते हैं
– धीरे चलते हैं
– 48 घंटे (2 दिन) का सबसे लंबा जीवनकाल यानि वैलिडिटी है
– योनि के क्षारीय पीएच पर्यावरण के लिए अधिक प्रतिरोधी।

एक कैलकुलेटर ovulation या ovulation predictor परीक्षण किट के साथ, बेसल शरीर के तापमान, अल्ट्रासाउंड के साथ ovulation कैसे निर्धारित करें।

एक लड़का पाने के लिए:

1) अंडाशय के दिन सम्भोग करें और उससे एक दिन पहले भी सेक्स करे

2) जब पति का वीर्य छूटने लगे तो कोसिस करे के अधिक से अधिक मात्रा में छूटे और वीर्य की एक भी बूँद बहार न निकलने दे और अधिक घेरे तक्क लिंग को दाल कर रखे और ये सबब उस पोजीशन में करे जिसमे पति ऊपर हो जिससे अधिक एक्स शुक्राणु गर्भस्य तक्क पहुंचेंगे

3) ज्यादा एक्स बनाने क लिए अधिक वीर्य बनाये और अधिक वीर्य बनाने क लिए ओवोलुशन से ७ दिन पहले सेक्स न करे

पितृत्व सबसे पोषित भावनाओं में से एक है कभी उनके विवाहित अवधि के दौरान एक जोड़े द्वारा अनुभवी । एक जोड़े के जीवन में बच्चा अपने परिवार को पूरा करता है और माता-पिता अपने बच्चे को बढ़ते देखकर आनंद लेते हैं और उनके लिए हर संभव प्रयास करते हैं। एक बालिका और लड़के के बच्चे की पैरेंटिंग के अलग-अलग तरीके हैं। हालांकि आधुनिक युग में प्रत्येक बच्चा माता-पिता के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण है, लेकिन फिर भी देश के कुछ हिस्सों में पुरुष बच्चा होने का जुनून है । लोग एक पुरुष बच्चे को गर्भ धारण करने के लिए विभिन्न तरीकों से प्रयास करते हैं लेकिन कभी-कभी भाग्य उनका पक्ष नहीं लेता है और वे पुरुष बच्चे को प्राप्त करने के लिए हर संभव तरीके से प्रयास करते हैं। इस लेख में हम हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार एक पुरुष बच्चे को गर्भ धारण करने के तरीके के बारे में मार्गदर्शन करेंगे और महिला के समय सहित विभिन्न अन्य ग्रहों के कारकों की व्याख्या भी करेंगे जब वह निश्चित रूप से एक बच्चे के लड़के को गर्भ धारण करेगी।

How to Conceive a Baby Boy According to Hindu Mythology in Hindi?

हालांकि एक बच्चे के लड़के को गर्भ धारण करने के लिए एक निश्चित शॉट विधि नहीं है, यदि आप हिंदू पौराणिक कथाओं में निर्धारित कुछ नियमों का पालन करते हैं, तो आपके पास एक बच्चे के लड़के को गर्भ धारण करने में बेहतर मौका होगा। उनके अनुसार आप एक पुरुष बच्चे को गर्भ धारण करने के लिए अपने बेटे और चंद्रमा पैनापन की जरूरत है। आइए कुछ सुझावों पर एक नज़र डालें जो सहायक होंगे यदि आप अपने पितृत्व को गले लगाने के लिए एक बच्चे के लड़के की तलाश कर रहे हैं:

  • विधि का पालन करने से पहले कम से कम 2 महीने पहले गर्भनिरोधक गोलियों से बचें और कम से कम एक सप्ताह के लिए अच्छे मूड में रहें। एक बात और है कि आपको कम से कम एक महीने तक सेक्स करना बंद करने की जरूरत है ताकि आपके शरीर को खुद को पुनर्जीवित करने के लिए प्रजनन तरल पदार्थ हो।
  • सबसे पहले उस समय की गिनती शुरू करें जब आप पहले खून करते हैं, यह आपकी अवधि का पहला दिन है। एक संदर्भ के लिए हम कहते हैं कि आप बुधवार 5 बजे रक्त देखते हैं, इसलिए आपका दिन 1 गुरुवार 5 बजे समाप्त हो जाएगा।
  • अपने पीरियड्स के दौरान सेक्स से बचें और इन समय के दौरान कोई काम भी न करें।
  • एक साथ श्वास तकनीक का अभ्यास करें और आपको प्रक्रिया के लिए जाने से पहले एक साथ कुछ पढ़ने की कोशिश करनी चाहिए।
  • अब मुख्य हिस्सा आता है जो सेक्स कर रहा है। जब भी आप बच्चे की तलाश में होते हैं तो आप अपने पीरियड्स खत्म होने के बाद 2, 4, 6, 8वें दिन भी सेक्स करने की कोशिश करते हैं । पीरियड्स के बाद 8वें, 10वें, 12वें दिन पुरुष बच्चे को गर्भ धारण करने के लिए सबसे अच्छा होता है।
  • पत्नी को हमेशा पति के बाईं ओर सोना चाहिए और श्वास की स्थिति लागू होने तक प्रणय निवेदन के दौरान अपने पति का सामना करना चाहिए।
  • सेक्स उन अनुशंसित दिनों पर किया जाना चाहिए और ग्रहों की स्थिति के अनुसार है कि सूर्य पुरुषों के लिए अधिक शक्तिशाली है कि एक पुरुष की सांस ले रहा है अपने दाहिने नथुने से अधिक शक्तिशाली है और महिला श्वास बाएं नथुने से अधिक शक्तिशाली है । सांस लेने के लिए शक्तिशाली होने के लिए आपको 5 मिनट से अधिक समय तक अपने साथी के साथ फोरप्ले करने की आवश्यकता है। नाक के एक तरफ बंद करके सांस की जांच की जा सकती है।

 आयुर्वेद के अनुसार जब आप अपने पार्टनर को गर्भवती करने की कोशिश कर रहे हैं तो आपको इस अवधि से 10-15 दिन से सेक्स करना चाहिए क्योंकि यह गर्भ धारण करने का सबसे अच्छा समय है । कम से कम 2 महीने तक गर्भवती होने के बाद योनि सेक्स से बचें।

How to Conceive a Baby Boy Indian Calendar in Hindi

बच्चा लड़का कई जोड़ों के लिए एक लक्ष्य है। अगर हम हिंदू कैलेंडर से जाते हैं तो कुछ दिन ऐसे होते हैं जहां आप गर्भधारण के लिए जा सकते हैं और महिला एक पुरुष बच्चे को सहन करेगी । जैसा कि मासिक धर्म के बाद के दिनों में भी उल्लेख किया गया है, बच्चे के लड़कों के लिए सबसे अच्छा है, फिर भी कुछ नक्षत्र और लग्न हैं जो तब फायदेमंद होते हैं जब आप पुरुष बच्चे को गर्भ धारण करने की कोशिश कर रहे होते हैं। भारतीय कैलेंडर के अनुसार एक बच्चे को गर्भ धारण करने के लिए यहां कुछ तिथियां हैं जो सबसे अच्छी हैं जब आप एक amle बच्चे के लिए जा रहे हैं:

गरभाणा संस्कार शोदशा संस्कारों का पहला संस्कार है जिसे पूर्व नियोजित पारिवारिक प्रसंग माना जाता है। गर्भवती मुहूर्त एक ऐसी अवधारणा है, जिसमें पति-पत्नी धार्मिक पवित्रता के साथ सही समय पर अपनी संतान की योजना बनाने के लिए मिलते हैं। गर्भवती संसार महिला गर्भधारण और प्रजनन प्रणाली से संबंधित सभी अशुद्धियों को दूर करने में मदद करता है जो स्वस्थ बच्चे के जन्म को सुनिश्चित करता है।

यहां ग्रहों की स्थिति के अनुसार सबसे अच्छा समय का विवरण दिया गया है जो हिंदू कैलेंडर के अनुसार निर्धारित हैं ।

Time of Conception:

गर्भधारण करना 8, 10, 12, 14 और 16 तारीख को मासिक धर्म के बाद करना चाहिए क्योंकि ये दिन शुभ माना जाता है।

Nakshatras to Consider for Conception:

कुछ तय नक्षत्र ऐसे होते हैं जो गर्भधारण के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है। 

Good Nakshatras: Anuradha, Dhanistha, Hastha, Mrigshira, Rohini, shatabhisha , Swati, Uttara-bhadrapada,Uttara-phalguni and Uttara-shada 

Bad Nakshatras: Ardra, Ashlesha, Bharni, Jyestha, Krittika, Magha, Moola, Poorva-bhadrapada,Poorva-phalguni, Poorva-shadha, Revati

Tithes for Conception:

हिंदू कैलेंडर के अनुसार गर्भधारण के लिए सबसे अच्छा तिथी 1,3,3,5,7,10,12,13 हैं। मेल बच्चे 4,9,14, 6, 8, 11 के लिए इन तिथी पर गर्भधारण करने से बचें। अमावस्या और पूर्णिमा की रात भी गर्भधारण करने से बचना चाहिए।

Days for Conception:

शुक्ल पक्ष का सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार पुरुष बच्चे को गर्भधारण करने के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। 

Lagna for Conception:

लग्न पुरुष ग्रहों के अनुरूप होना चाहिए जो सूर्य, मंगल और बृहस्पति हैं। चंद्रमा को भी नवरात्र की बाधाओं में होने की जरूरत है। बृहस्पति को मंगल और सूर्य के कात्यायनी में तैनात रहना चाहिए, जो पुरुष ग्रह हैं।

Ayurvedic Treatment for conceiving baby boy in Hindi

आयुर्वेद सबसे पुरानी विधियों में से एक है जिसका समाधान स्वास्थ्य से जुड़ी हर समस्या का होता है। प्राचीन काल में कोई डॉक्टर नहीं थे इसलिए लोग आयुर्वेदिक उपचार लेते थे। आधुनिक युग में भी यही स्थिति है, जब भी किसी विशेष समस्या का समाधान नहीं होता है तो लोग आयुर्वेदिक मार्ग पर जाना पसंद करते हैं। जब भी आप गर्भ धारण करने की कोशिश कर रहे होते हैं तो बच्चे के आयुर्वेद में कुछ उपाय होते हैं जो आपको अपने गर्भ में पुरुष बच्चे को सहन करने में मदद करेंगे। आइए एक बच्चे के बच्चे को गर्भ धारण करने के लिए आयुर्वेदिक उपचारों पर एक नज़र डालें:

Method 1:

बरगद के पेड़ की शाखाओं का उपयोग करते हुए इस विधि से कार्य पूरा किया जाएगा। किसी भी बरगद के पेड़ का पता लगाएं और उन शाखाओं को बाहर निकालें जो उत्तर या पूर्व की ओर हैं। इसके बाद आपको उड़द की दाल के 2 दाने लेने चाहिए और फिर सारी सामग्री दही के साथ पीस लें। उसके बाद मिश्रण का उपभोग करें ताकि आप पुरुष बच्चे को सहन करने के लिए तैयार हों

Method 2:

आपको लोहे, सोने या चांदी की लघु मूर्तियां बनाने और मूर्तियों को भट्ठी में फेंकने की आवश्यकता होगी। उसके बाद आपको दही, दूध या पानी में पिघला हुआ तत्व डालना चाहिए और आपको पुष्य नक्षत्र के शुभ समय पर उस मिश्रण को पीना चाहिए।

Best Time to Conceive a Baby Boy after Periods in Hindi

पीरियड्स एक कारण होता है कि बच्चे पैदा होते हैं। यदि मादा मासिक धर्म है तो यह एक स्वस्थ महिला का संकेत है और वह एक बच्चे को सहन करने के लिए तैयार है। बच्चे को लड़का या लड़की होने का मौका 50-50 है लेकिन इन बाधाओं को प्रभावित किया जा सकता है जो बच्चे के लिंग का निर्धारण कर सकते हैं। यह एक मिथक है कि जब आपको बच्चे की जरूरत होगी तो आपको उतना ही सेक्स करना होगा जितना आप कर सकते हैं लेकिन लोगों को पता नहीं है कि सेक्स की टाइमिंग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है ।

जब भी आप प्रेग्नेंट होने की कोशिश कर रही हों तो अपने ओव्यूलेशन पीरियड के दौरान सेक्स करने की कोशिश करें। ओव्यूलेशन एक प्रक्रिया है जब एक अंडाशय मादा की फैलोपियन ट्यूब में एक परिपक्व अंडा जारी करता है और उसके बाद यह गर्भाशय में नीचे जाता है। अंडे के गर्भाशय में लगभग 12-24 घंटे की जीवित रहने की अवधि होती है और जब यह शुक्राणु के साथ निषेचित हो जाता है तो एक महिला गर्भवती हो जाती है। ओव्यूलेशन पीरियड के दौरान महिलाओं का सर्वाइकल बलगम पतला हो जाता है और ओव्यूलेशन पीरियड के दौरान यह ज्यादा फिसलन हो जाती है। इससे शुक्राणुओं को प्रजनन पथ में अधिक आसानी से आगे बढ़ने में मदद मिलती है।

Best Time to Conceive baby Boy in Hindi

बच्चे का सेक्स कुछ हद तक ओव्यूलेशन कैलेंडर और गर्भधारण की तारीख से तय हो सकता है। जब भी आप एक पुरुष बच्चे की तलाश में होते हैं तो आपके अंडे को वाई-स्पर्म द्वारा निषेचित करने की आवश्यकता होती है जो पुरुष बच्चे का वाहक होता है। Y-शुक्राणु हल्का, छोटा है और उनके पास गोल सिर होते हैं इसलिए वे प्रजनन पथ में तेजी से यात्रा करते हैं और जीवन काल कम होते हैं। जो जोड़े बच्चे को गर्भ धारण करने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें आपके मासिक धर्म और ओव्यूलेशन पीरियड से कुछ दिनों पहले सेक्स से बचना चाहिए। पुरुष बच्चे को पाने के लिए सेक्स ओव्यूलेशन डे पर और 2-3 दिन बाद ओव्यूलेशन आपके शरीर में होता है। आदर्श स्थिति ऐसी स्थिति में यौन संबंध बनाना है जो शुक्राणु को मादा के गर्भाशय ग्रीवा के करीब जमा करने की अनुमति देगा।

इसके अलावा संभोग के समय भी एक एन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जो जोड़े एक लड़के के लिए कोशिश कर रहे हैं, उन्हें पहले महिला को संभोग करने की कोशिश करनी चाहिए। चूंकि महिलाओं के संभोग के दौरान स्राव प्रकृति में अधिक क्षारीय होते हैं और पुरुष शुक्राणु क्षारीय वातावरण में अधिक तेजी से यात्रा करते हैं, इसलिए पुरुष बच्चे को गर्भ धारण करने की संभावना तेजी से बढ़ती है।