कैसे एक लड़के को जन्म दे – How to Conceive Baby Boy Hindi

एक लड़के को जन्म देने के लिए क्या पोजीशन होनी चाहिए इंटरकोर्स करते समय ?

कैसे एक बेबी बॉय को कन्सीव किया जाए प्रेगनेंसी के दौरान इस बात पर हमेसा से एक रहस्य रहा है और बेबी बॉय कन्सीव करने के लिए अलग अलग तरह की बाते बताई जाती हैं जिनको पढ़ने पर या समझने पर पता चलता है की कितनी मूर्खता भरी सुचना दी जा रही है

जो लोग एक बेबी बॉय यानि एक लड़के को जन्म देना चाहते हैं उनको सभी तरह के फैक्टर्स पर ध्यान देने की जरुरत है

जो लोग एक लड़के को जन्म देना चाहते हैं सबसे पहले उन्हें अच्छे से यह बात समझनी होगी की कैसे और कब एक लड़की का जन्म होता है और कैसे, किस समय ,किस तरह से एक लड़के का जन्म होता है

और हम आपको ये यह बताना चाहते हैं के आज की टेक्नोलॉजी के युग में सिर्फ २ हफ्तों में ही आपको अपने होने वाले बच्चे के लिंग का पता चल जाता है

कुछ लोग तो एग को इम्प्लांट भी करवा लेते हैं ताकि होने वाला बचा एक लड़का ही हो लेकिन यह आसान और सुविधाजनक प्रक्रिया नहीं है और इसमें पैसा का काफी खर्च भी आ जाता है जो हर व्यक्ति अफ़्फोर्ड नहीं कर पता |

लेकिन इन सब प्रोसेस की बजाए ज्यादा तर माँ बाप नेचुरल प्रोसेस को अपनाते हैं जिसमे सिर्फ आपको एक एक दिन का हिसाब रख कर सावधानी पूर्वक इंटरकोर्स करना होता है और उसके लिए आपको निचे लिखे स्टेप्स फॉलो करने होते हैं

अंदर जाने के बाद स्पर्म कैसे काम करता है ?

देखिये स्पर्म ही सबसे एहम फैक्टर है जो यह तय करता है के जन्म लेने वाला बच्चा एक लड़का होगा या फिर एक लड़की। किसी भी बचे के जींस दो तरह के जेनिटिक मटेरियल से बनते हैं एक माता और दूसरे उसके पिता से ।

एग्ग हमेसा एक्स (X) प्रकार के शुक्राणु अपने पास रखता है या फिर यूँ समझ लीजिये के एग जो है एक्स(X) प्रकार के सुक्राणुओ से बना होता है और जो बहार से स्पर्म डाला जाता है उसमे से या तो एक्स (X) जाकर एक्स(X) से मिल जाता है या फिर उसका वाई(Y) जाकर एग्ग के एक्स से जाकर मिल जाता है

और बाहर से एक्स(X) का जाकर एग्ग के एक्स से मिलना एक लड़की को जन्म देता है और बाहर से वाई(Y) का जाकर एग्ग के एक्स(X) से मिलना एक लड़के को जन्म देता है

तो बस एहि हमे जानना है के कैसे हम वो सभी फैक्टर्स का ध्यान रखे जिससे की बहार से स्पर्म का वाई शुक्राणु अंदर एग के एक्स(X) से मिल जाये और होने वाले बच्चे का लिंग मेल ही हो|

और यह हम कर सकते हैं अगर अपने सेक्सुअल इंटरकोर्स का शेडूल चार्ट त्यार करले और एक एक दिन का हिसाब लगा कर उन सभी फैक्टर्स का ध्यान रखे जो की वाई शुक्राणु को अंदर एक्स से मिलने में उसकी हेल्प करे |

अब देखिये हमे सिर्फ यह एक काम करना है जोकि नेचुरल , सेफ , रिस्क फ्री और मेडिकल प्रोसेस से बिलकुल अलग है

आप को बस अपने पीरियड्स का और ओवुलेशन पीरियड का एक चार्ट त्यार करना होगा अगर आप उसमे भी कोई परेशानी महसूस करे तो आज कल इसके लिए बोहत सी मोबाइल ऍप्लिकेशन्स भी गूगल प्ले स्टोर पर अवेलबल हैं

सेक्स करते समय पोजीशन का कितना महत्व है ?

सेक्स या इंटरकोर्स करते समय अगर आप अपनी पोजीशन पर ध्यान दे तो यह आपकी पूरी तरह से हेल्प कर सकता है|

यह बहुत जरुरी है के जब स्पर्म को रिलीज़ करने का समय आये तब आप स्पर्म बिलकुल नजदीक आकर अपने अपने फीमेल पार्टनर की योनि में छोड़े जिससे वाई शुक्राणुओ के पहुँचने के सम्भावना और भी ज्यादा हो जाए |

क्यूंकि नजदीक से छोड़ने पर वाई शुक्राणु और एग्ग के बिच की दूरी कम् हो जाती है और उसके बिच में ही नष्ठ होने के चांस कम् हो जाते हैं

कुछ लोग इस बात का भी दावा करते हैं के जहा मेल यानि पुरुष सेक्स के दौरानअधिक एक्टिव हैं वहां एक लड़के को जन्म देने के चांस अधिक हो जाते हैं

वैसे हम आपको यह सलाह देंगे के पुरुष को हमेसा ही ऊपर रहना चहिए अगर आप एक लड़के को जन्म देना चाहते हैं

वही एक्सपर्ट्स ने माँ की डाइट यानि खान पान का भी महत्व बताय है एक्सपर्ट्स ने बताय के फल सब्जिया भी बच्चे के जेंडर को तय करने में बड़ा ही एहम रोले अदा करते हैं जो लोग एक लड़के को जन्म देना चाहते हैं वे अपनी डाइट पर पूरा ध्यान रखे और वही खाये जो एक लड़के के पैदा होने में मदद गार हैं, तो एक्सपर्ट के अनुसार रेड मीट जरूर खाये और नमक वाली चीज़ो का अधिक सेवन करे और कॉफ़ी भी काफी अछि बताई गायति है

और पुरुष यानि बचे के होने वाले बाप को यह एडवाइस दी जाती है के वो aaj से ही खुले कपडे पहना सुरु करदे yani के jitna हो सके जीन्स को त्याग दे जो आपके स्क्रोटम को टाइट रखते हैं घर में अगर हैं तो बॉक्सर का अधिक से अधिक उपयोग करे ताकि उनको हवा मिलती रहे और और लौ तेमरतुरे भी मिले जायद हाई टेम्परेटरे से उन्हें डोर रखे क्यूंकि आपका स्पर्म वही बनता है

और एक फैक्टर यह भी है के अपन स्पर्म किस समय रिलीज़ho रहा है यह भी तय करत है के होने वाला बच्चा लड़का होगा या लड़की। तो उसके लिए यह बताय गया है के kosis करे male यानि पुरुष का स्पर्म पहले रेलाइसे हो जाये और फीमेल यानि स्त्री का बाद में रिलीज़ होना किये तो इससे भी लड़का पैदा होने के चणक अधिक हो जाते हैं इससे स्पर्म का एग्ग तक्क पहुँचने के चाणक्य अधिक हो जाते हैं क्यूंकि स्पर्म तेज़ी से नादर जाएगा और वे शुक्राणु के डेडna होने के चान्सेस कम् हो जाएंगे।

आप जो बच्चा चाहते हो वो लड़का हो या लड़की ?

पुरुष शुक्राणु में एक्स और वाई शुक्राणु होता है, शुक्राणु एक्स और वाई निर्धारित करते हैं कि महिला आदमी है। उपरोक्त शुक्राणु की शारीरिक विशेषताओं के आधार पर, आनुवंशिकीविद एक बच्चे के लड़के या लड़की को जन्म देने के लिए चुनते हैं।

फैक्टर १ : भोजन

अगर आप एक बच्ची चाहते हैं

पति को ऐसे खाद्य पदार्थ खाना चाहिए जिनमें बहुत से क्षारीय होते हैं, जबकि उनकी पत्नी बहुत सारे अम्लीय खाद्य पदार्थ खाती है।

खाद्य पदार्थ जिनमें बहुत से क्षारीय होते हैं: सब्जियां, फल, अंडे का सफेद, दूध, और समुद्री शैवाल।
बहुत सारे एसिड युक्त खाद्य पदार्थ मांस और समुद्री भोजन (समुद्री भोजन) हैं।

अगर आप एक बच्चा चाहते हैं जो लड़का हो

पति के पास बहुत सारे खाद्य पदार्थ होते थे जिनमें बहुत से एसिड होते थे, जबकि पत्नी के पास बहुत सारे खाद्य पदार्थ होते थे जिनमें बहुत से क्षारीय होते हैं (उपरोक्त खाद्य पदार्थ देखें)।

2. फैक्टर : समय (संभोग कब किया)

अगर आप एक बच्ची चाहते हैं।

मासिक धर्म काल से पहले दिन पर लगातार संभोग।

अगर आप एक बच्चा चाहते हैं जो लड़का हो

मासिक धर्म अवधि के दौरान लगातार मासिक धर्म की अवधि के दौरान या तुरंत या तुरंत।

मासिक धर्म के समय को कैसे जानें?

तापमान या शरीर के तापमान में वृद्धि (आप एक पैडोमीटर का उपयोग कर सकते हैं और शरीर के तापमान रिकॉर्ड कर सकते हैं)।

3. फैक्टर : प्रवेश यानी किस गहराई तक (स्टैब)

अगर आप एक बच्ची चाहते हैं।

पति को संभोग के समय पत्नी की योनि में अधिक गहराई तक अपना लिंग लेजाने से बचना चाइये

अगर आप एक बच्चा चाहते हैं जो लड़का हो

संभोग के समय पति को अपना लिंग योनि में अधिक से अधिक गहराई में ले जाना चाइये

कारण:

एक्स और वाई सेक्स सेल के चरित्र

शुक्राणु एक्स: इसका स्टैमिना बोहत अधिक होता है और लम्बी दूरी तक जा सकता है गति स्लो होती है
वाई शुक्राणु : इसका स्टामिआं कम् होता है और तेज़ गति से जाता है और कम् दूरी तय करता है

तो लिंग को गहराई तक्क ले जाने से वाई शुक्राणु के अंदर तक्क पहुँचने की सम्भावना बढ़ जाती है

फैक्टर 4. स्टिमुलस यानी कितनी उत्तेजना होनी किये

अगर आप एक बच्ची चाहते हैं।

पत्नी को संभोग के दौरान उत्तेजना से बचना चाहिए। जननांग एकाग्रता से स्राव निर्वहन उत्तेजित होने पर क्षारीय हो जाता है, इससे गतिविधि spematozoa वाई को प्रोत्साहित किया जाएगा। यानी वाई के एक्टिव होने के चान्सेस बढ़ जाते हैं

अगर आप एक बच्चे को लड़ना चाहते हैं।

तो फेल पति उत्तेजित और जब्ब पतों का वीर्य डिस्चार्ज हो जाए फिर पत्नी को उत्तेजित होना किये

फैक्टर ५: पत्नी

अगर आप एक बच्ची चाहते हैं।

सफेद सिरका के दो चम्मच के पानी में दाल कर योनि को अचे धो ले जिससे एसिडिक हो जाएगी और वे की एक्टिविटी कम् हो जाती है

अगर आप एक बच्चा चाहते हैं जो लड़का हो

बेकिंग सोडा के दो चम्मच पानी में डाल कर योनि को अचे धो ले

6. फैक्टर स्थिति यानि पोजीशन ऑफ़ सेक्स

अगर आप एक बच्ची चाहते हैं।

तो पत्नी को ऊपर रहना किये

अगर आप एक बच्चा चाहते हैं जो लड़का हो

तो इंटरकोर्स क दौरान पति को ऊपर रहना किये

नीचे दी गई तालिका आपको पैदा होने वाले बच्चे के लिंग की भविष्यवाणी करने में मदद करेगी।
नीचे दी गई तालिका की शुद्धता हजारों लोगों द्वारा सिद्ध की गई है और यह 99% सटीक माना जाता है।

इस पर विश्वास करें या नहीं।
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तकनीक ही एक बच्चे के लिंग तय करती है

शुक्राणु 2 प्रकार के होते हैं:

एक्स शुक्राणु (मादा के लिए)
वाई शुक्राणु (पुरुष के लिए)

शुक्राणु एक्स में निम्नलिखित विशेषताएं हैं:

– अधिक होते हैं
– धीमा चलते हैं
– इनकी वैलिडिटी 72 घंटे से अधिक (3 दिन), 7 दिन भी दर्ज की गई है
– योनि के अम्लीय वातावरण के लिए अधिक प्रतिरोधी होते हैं इसी लिए लड़की के लिए योनि को सिरका से धोया जाता है

वाई शुक्राणु में निम्नलिखित विशेषताएं हैं:

– छोटे होते हैं
– धीरे चलते हैं
– 48 घंटे (2 दिन) का सबसे लंबा जीवनकाल यानि वैलिडिटी है
– योनि के क्षारीय पीएच पर्यावरण के लिए अधिक प्रतिरोधी।

एक कैलकुलेटर ovulation या ovulation predictor परीक्षण किट के साथ, बेसल शरीर के तापमान, अल्ट्रासाउंड के साथ ovulation कैसे निर्धारित करें।

एक लड़का पाने के लिए:

1) अंडाशय के दिन सम्भोग करें और उससे एक दिन पहले भी सेक्स करे

2) जब पति का वीर्य छूटने लगे तो कोसिस करे के अधिक से अधिक मात्रा में छूटे और वीर्य की एक भी बूँद बहार न निकलने दे और अधिक घेरे तक्क लिंग को दाल कर रखे और ये सबब उस पोजीशन में करे जिसमे पति ऊपर हो जिससे अधिक एक्स शुक्राणु गर्भस्य तक्क पहुंचेंगे

3) ज्यादा एक्स बनाने क लिए अधिक वीर्य बनाये और अधिक वीर्य बनाने क लिए ओवोलुशन से ७ दिन पहले सेक्स न करे

एक बच्ची लड़की पाने के लिए:

1) मासिक धर्म रुकते ही हर २ दिन बाद सम्भोग करना जरुरी है और ओवुलेशन से ३ दिन पहले सेक्स न करे और उन्ही ३ दिन से पहले लगातार ३ दिन सेक्स करे और दोबार तब्ब तक्क सेक्स न करे जब्ब तक्क एग फर्टीलिज़े न हो जाये और सेक्स से फेल पतों को गरमा पानी पिलाये